इश्क़ में तू गीत गाना सीख ले
गीत के संग इक तराना सीख ले
क्या करेगा ज़र ज़मीं को जोड़कर
प्यार की दौलत कमाना सीख ले
हौंसला कुछ इस तरह से ओढ़ ले
दर्द में भी मुस्कुराना सीख ले
आफ़तों या मुश्किलों के दौर में
गीत कोई गुनगुनाना सीख ले
दे रहा तू प्यार अपनो को मगर
ग़ैर को अपना बनाना सीख ले
ग़म भुलाने है तुझे जो आजकल
मयक़दे में आना जाना सीख ले
- हरमिंदर पाल दिल्ली
गीत के संग इक तराना सीख ले
क्या करेगा ज़र ज़मीं को जोड़कर
प्यार की दौलत कमाना सीख ले
हौंसला कुछ इस तरह से ओढ़ ले
दर्द में भी मुस्कुराना सीख ले
आफ़तों या मुश्किलों के दौर में
गीत कोई गुनगुनाना सीख ले
दे रहा तू प्यार अपनो को मगर
ग़ैर को अपना बनाना सीख ले
ग़म भुलाने है तुझे जो आजकल
मयक़दे में आना जाना सीख ले
- हरमिंदर पाल दिल्ली
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