पति (पत्नी से)- तुम मेरी जिंदगी हो...
पत्नी (खुश होकर)- और कहो अच्छा लग रहा है...
पति- और लानत है ऐसी जिंदगी पर...
..........
सोनू (चिंटू से)- मेरे पापा के आगे अमीर से अमीर आदमी भी कटोरी लेकर खड़े रहते हैं।
चिंटू (सोनू से)- ऐसे कितने अमीर हो तुम?
सोनू- मेरे पापा गोल-गप्पे की रेडी लगाते हैं।
.........
पत्नी (पति से)- पूरी दुनिया में चिराग लेकर ढूंढोगे तो भी मेरी जैसी बीवी नही मिलेगी...
पति (पत्नी से)- तुम्हें किसने कहा कि दूसरी बार भी तुम्हारे जैसी ही ढूढूंगा?
..........
संता के घर 20 साल के बाद बच्चा हुआ, उसे देख संता बहुत उदास हो गया!
बंता (संता से)- यार उदास क्यों है?
संता (बंता से)- यार ! 20 साल बाद बच्चा हुआ वो भी इतना सा?
...........
एक दिन संता ने सड़क के किनारे केले का छिलका देखा और बोल उठा, ओह! आज फिर गिरना पड़ेगा..
दूसरे दिन उसने दो छिलके देखे तो सोचने लगा इस पर गिरूं या उस पर,
तीसरे दिन संता ने बहुत से छिलके देखें।
संता ने अपनी पत्नी को फोन करके बताया, आज घर देर से आऊंगा..
पत्नी (खुश होकर)- और कहो अच्छा लग रहा है...
पति- और लानत है ऐसी जिंदगी पर...
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सोनू (चिंटू से)- मेरे पापा के आगे अमीर से अमीर आदमी भी कटोरी लेकर खड़े रहते हैं।
चिंटू (सोनू से)- ऐसे कितने अमीर हो तुम?
सोनू- मेरे पापा गोल-गप्पे की रेडी लगाते हैं।
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पत्नी (पति से)- पूरी दुनिया में चिराग लेकर ढूंढोगे तो भी मेरी जैसी बीवी नही मिलेगी...
पति (पत्नी से)- तुम्हें किसने कहा कि दूसरी बार भी तुम्हारे जैसी ही ढूढूंगा?
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संता के घर 20 साल के बाद बच्चा हुआ, उसे देख संता बहुत उदास हो गया!
बंता (संता से)- यार उदास क्यों है?
संता (बंता से)- यार ! 20 साल बाद बच्चा हुआ वो भी इतना सा?
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एक दिन संता ने सड़क के किनारे केले का छिलका देखा और बोल उठा, ओह! आज फिर गिरना पड़ेगा..
दूसरे दिन उसने दो छिलके देखे तो सोचने लगा इस पर गिरूं या उस पर,
तीसरे दिन संता ने बहुत से छिलके देखें।
संता ने अपनी पत्नी को फोन करके बताया, आज घर देर से आऊंगा..
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