20190111

जीवन का गहना

इंसान नीचे बैठा दौलत गिनता है
कल इतनी थी – आज इतनी बढ गयी..

ऊपर वाला हंसता है और इंसान की सांसे गिनता है…
कल इतनी थीं – आज इतनी कम हो गयीं..

दुनियां के रैन बसेरे में..
   पता नही कितने दिन रहना है,
       "जीत लें सबके दिलों को..
  बस यही जीवन का गहना है..!!"

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