इंसान नीचे बैठा दौलत गिनता है
कल इतनी थी – आज इतनी बढ गयी..
ऊपर वाला हंसता है और इंसान की सांसे गिनता है…
कल इतनी थीं – आज इतनी कम हो गयीं..
दुनियां के रैन बसेरे में..
पता नही कितने दिन रहना है,
"जीत लें सबके दिलों को..
बस यही जीवन का गहना है..!!"
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