20181119

ठग बाबाओं द्वारा लुटती हुई जनता

👳‍♂ *ठग बाबाओं द्वारा लुटती हुई जनता*👳🏿‍♂

सात लाख रूपये दीजिये तो *माँ* ( जसबिंदर कौर) आपको गोद में बैठाकर आशीर्वाद देंगी और पन्द्रह लाख रूपये दीजिये तो आप उस *धूर्त ठग  माँ* को किसी फाइव स्टार होटल में ले जाकर डिनर के साथ आशीर्वाद ले सकते हैं ! तब भी अंधविश्वासी लोग उसे देवी ही मानते हैं l

 एक बाबा लाल चटनी और हरी चटनी में भगवान की कृपा दे रहा है ! रात दिन पूज रहा है। और अंधभक्त है वह फिर भी उन्हे भगवान समझते हैं

*बाबा रामपाल* के भक्त हैं जो कबीर को पूर्ण परब्रह्म परमात्मा मानते हैं ! ओर अपने नहाए हुए पानी को अपने भक्तों को पिला कर उन्हे कृतार्थ करता है।

 एक हीरा व्यापारी *दादा लेखराज* के वचनों को सच्ची गीता बताते हैं और परमात्मा को बिन्दुरुप बताते हैं ! इन्होंने भगवद गीता भी फेल कर दी।

 एक बाबा है  जो कई करोड़ की गाड़ी में ,300 की स्पीड पर भयंकर दुर्घटना में मर गया औरों के तो पता नही , अपना मिलन परमात्मा से करवा लेता है।पर लोग बाबा की जय बोलने से नही थकते।


*आशु भाई गुरु जी, बापू आसाराम, दाती महाराज बाबा राम रहीम* के भक्त तो और भी महान है सब पोल खुल जाने पर भी सड़को पर भक्त बनकर इनको ईश्वर मान रात दिन उसके गुण गाते है। और कहते हैं कि जेल में गुरुजी नहीं बल्कि इनकी छाया गई हुई है अंधभक्त समझते ही नहीं


जिसने अपनी दुकान ज्यादा सजायी वो ही उतना बड़ा परमेश्वर हो गया। बाबा लोगों को किसी भगवान पर विश्वास नहीं होता.. *बाबा जी अपनी Z+ सिक्योरिटी में बैठकर कहते हैं कि," जीवन-मरण ऊपर वाले के हाथ में है "अंधभक्त श्रद्धा से सुनते हैं, पर सोचते नहीं हैं....*

👉 बाबा जी हवाई जह़ाज में उड़ते हैं । सोने से लदे होते हैं । ये बाबा दौलत के ढेर पर बैठकर बोलते हैं कि, *"मोह-माया मिथ्या है, ये सब त्याग दो ".लेकिन उत्तराधिकारी अपने बेटे या परिवार के खास व्यक्ति को ही बनायेंगे..अंधभक्त श्रद्धा से सुनते हैं, पर सोचते नहीं हैं.....*

👉 भक्तों को लगता है कि उनके सारे मसले बाबा जी हल करते हैं, *लेकिन जब बाबा जी मसलों में फंसते हैं, तब बाबा जी बड़े वकीलों की मदद लेते हैं..अंधभक्त बाबा जी के लिये दुखी होते हैं, लेकिन सोचते नहीं हैं.....*

👉 *भक्त बीमार होते हैं तो डॉक्टर से दवा लेते हैं जब ठीक हो जाते हैं तो कहते हैं, "बाबा जी ने बचा लिया"पर जब बाबा जी बीमार होते हैं,तो बड़े डॉक्टरों से महंगे अस्पतालों में इलाज़ करवाते हैं.अंधभक्त उनके ठीक होने की दुआ करते हैं लेकिन सोचते नहीं हैं....*

👉 अंधभक्त अपने बाबा को भगवान समझते हैं...उनके चमत्कारों की सौ-सौ कहानियां सुनाते हैं. 

👉  *जब बाबा जी किसी अपराध में जेल जाते हैं, तब वे कोई चमत्कार नहीं दिखाते..  तब अंधभक्त बाबा के लिये लड़ते-मरते हैं, लेकिन वे कुछ सोचते नहीं हैं.....*

👉 *इन्सान आंखों से अंधा हो तो कहते है उसकी बाकी ज्ञान इन्द्रियाँ ज़्यादा काम करने लगती हैं, लेकिन अंध भक्तों की कोई भी ज्ञान इंद्री काम नहीं करती...*

         *अतः जागृत बनें, तार्किक बनें और ईश्वर को अक्ल से पहचाने*



     🙏   *नमस्कार*  🙏

20181118

*दुनियां में सिकन्दर कोई नहीं, वक्त सिकन्दर होता है..*

*सिकन्दर उस जल की तलाश में था, जिसे पीने से मानव अमर हो जाते हैं.!*

*दुनियाँ भर को जीतने के जो उसने आयोजन किए, वह अमृत की तलाश के लिए ही थे !*

*काफी दिनों तक देश दुनियाँ में भटकने के पश्चात आखिरकार सिकन्दर ने वह जगह पा ही ली, जहाँ उसे अमृत की प्राप्ति होती !*

*वह उस गुफा में प्रवेश कर गया, जहाँ अमृत का झरना था, वह आनन्दित हो गया !*

👉 *जन्म-जन्म की आकांक्षा पूरी होने का क्षण आ गया, उसके सामने ही अमृत जल कल - कल करके बह रहा था, वह अंजलि में अमृत को लेकर पीने के लिए झुका ही था कि तभी एक कौआ 🦅जो उस गुफा के भीतर बैठा था, जोर से बोला, ठहर, रुक जा, यह भूल मत करना...!’*

 *सिकन्दर ने🦅कौवे की तरफ देखा!*

*बड़ी दुर्गति की अवस्था में था वह कौआ.🦅!*

*पंख झड़ गए थे, पँजे गिर गए  थे, अंधा भी हो गया था, बस कंकाल मात्र ही शेष रह गया था !*

*सिकन्दर ने कहा, ‘तू रोकने वाला कौन...?’*

🦅 *कौवे ने उत्तर दिया, ‘मेरी कहानी सुन लो...मैं अमृत की तलाश में था और यह गुफा मुझे भी मिल गई थी !, मैंने यह अमृत पी लिया !*

🦅 *अब मैं मर नहीं सकता, पर मैं अब मरना चाहता हूँ... !*
🦅 *देख लो मेरी हालत...अंधा हो गया हूँ, पंख झड़ गए हैं, उड़ नहीं सकता, पैर गल गए हैं, एक बार मेरी ओर देख लो फिर उसके बाद यदि इच्छा हो तो अवश्य अमृत पी लेना!*

🦅 *देखो...अब मैं चिल्ला रहा हूँ...चीख रहा हूँ...कि कोई मुझे मार डाले, लेकिन मुझे मारा भी नहीं जा सकता !*

🦅 *अब प्रार्थना कर रहा हूँ  परमात्मा से कि प्रभु मुझे मार डालो !*

🦅 *मेरी एक ही आकांक्षा है कि किसी तरह मर जाऊँ !*

🦅 *इसलिए सोच लो एक बार, फिर जो इच्छा हो वो करना.’!*

🦅 *कहते हैं कि सिकन्दर  सोचता रहा....बड़ी देर तक.....!*

*आखिर उसकी उम्र भर की तलाश थी अमृत !*💧

*उसे भला ऐसे कैसे छोड़ देता !*

 *सोचने के बाद फिर चुपचाप गुफा से बाहर वापस लौट आया, बिना अमृत पिए !*

 *सिकन्दर समझ चुका था कि जीवन का आनन्द ✨उस समय तक ही रहता है, जब तक हम उस आनन्द को भोगने की स्थिति में होते हैं!*

*इसलिए स्वास्थ्य की रक्षा कीजिये !*
*जितना जीवन मिला है,उस जीवन का भरपूर आनन्द लीजिये !*
❣🥀 *हमेशा खुश रहिये ?*❣🥀 


🙏🏼🌸सहृदय नमस्कार🌸 🙏🏼

मुहूर्त बनाने और मानने वालों के लिए

गर्भ धारण व शिशु पैदा होने का कोई मूहुर्त नही....

मृत्यु का कोई मुहूर्त नही क्योंकि ये बातें प्राकृतिक हैं। 

विद्यालय मे प्रवेश ,परीक्षा मे प्रवेश , नौकरी हेतु इंटरव्यू, नौकरी की ज्वाइनिंग ,वेतन पाने इत्यादि का कोई मुहूर्त नही , 

पहले से तिथि निर्धारित होती है . इसके लिए मुहूर्त ढूंढते भी नहीं ...

फिर नामकरण ,शादी ,मकान हेतु भूमि पूजन ,गृह प्रवेश , मृत्यु भोज ( तेरहवीं) इत्यादि कर्म कान्ड मे मुहूर्त कैसे घुस गया ???

जाहिर है कुछ लोगो ने अपने निहित स्वार्थ हेतु समाज को गुमराह किया व उनके दिमाग को खराब किया .....

"मुहूर्त ", पोंगापंथियों एवं गपोडशंखियों का एक कूटरचित शब्द है।                                               
तो हमारा काम बिना मुहूर्त के क्यों नहीं हो सकता है?
अब आपको विचार करना है कि,

आप और आपका परिवार कब इस मुहूर्त के चक्कर से मुक्त होगा?       

 मंदिर का महंत, पुजारी या कोई ज्योतिष नक्षत्र का ज्ञाता जब बीमार होता है तो वह इतनी पवित्र जगह को छोड़ कर अस्पताल क्यों जाता है ? 
और यदि जाता भी है तो मुहूर्त से क्यों नहीं जाता?    

कोई पाचवीं फेल ग्रह नक्षत्रों का ज्ञाता हो सकता है  यह हमारा बीमार दिमाग मानता है । 
डाक्टर इंजिनियर बडे से बडा अधिकारी ,पाचवीं फेल एक व्यक्ति का गुलाम है , विज्ञानं पर अविश्वास कर रहे हो।

सभी दिन, तिथि, वार, दिशा खगोल और प्रकृति निमित्त है। कोई बुरा नहीं कोई अच्छा नहीं। 
जब संसार की सबसे बड़ी 2 घटनाएं जन्म और मृत्यु का कोई मुहूर्त नहीं है तो बाकी भी सब वहम् है। 

*•* बच्चे को काला टिका लगाने से उसका संरक्षण होता तो भारत मे बाल मृत्यु दर शून्य होता...!

*•* गाड़ी मे निंबू मिर्च बांधने से सुरक्षा मिलती तो भारत मे दुर्घटना मृत्यु दर शून्य रहती...! 

*•* पुजा करने से व्यापार, उद्योग धंधो मे बरकत  आती तो सभी उद्योगपति रहते...!

*•* बडे़-बडे़ बाबाओं के पास जाने से अपने दुखों का निवारण हो सकता तो सभी बाबाओ के भक्त सुखी हो गए होते...!

*•* कुंडली मिलाने से अगर सभी पती-पत्नी का मन जुड गया होता तो सभी अरेंज -मैरिज यशस्वी हुए होते...!

*• यज्ञ* करने से कोई टीम जीत जाती तो भारत विश्व मे कोई भी खेलो मे हारता नही...!

*•* चिकित्सक विचार व वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ही अपनी प्रगति हो सकती है...!👊

                *🌞 मुहुर्त का समय 🌞*

*•* जिस  दिन, जिस वक्त हमारा जन्म हुआ वही दिन  और समय हमारे लिए शुभ है...!

*•* जन्म लेते समय कभी मुहुर्त नही देखा जाता और मरने के लिए कोई मुहुर्त नही देखा जाता...!

*•* फिर भी जिंदगी मे मुहुर्त देखा जाता है  !
सभी दिन  और सभी समय शुभ मुहूर्त है  !
सिर्फ  इच्छा शक्ति प्रबल होनी चाहिए  !
हमारे लिए सभी दिन  और समय शुभ है  !!

*•* 🌞कुंडलियां देखकर विवाह का मुहुर्त निकाला जाता है फिर भी  अनेक स्त्रियां विधवा 
और पुरूष विधुर होते है  ?

*•* पत्रिका और कुंडली जोडकर हुए जोडो के विवाह का तलाक और कुछ का अकाल मृत्यु क्यों होता है ऐसा क्यो...?

*•* 95% विवाह मुहूर्त के समय नही होता फिर भी मुहुर्त का आग्रह किसलिए...?

*•* 🌞 मुहुर्त देखकर चुनाव मे खड़े होने वाले उम्मीदवार मे से एक ही विजयी होता है शेष सभी हारते है  ऐसा क्यो होता है  ?
सिर्फ  एक का ही मुहुर्त शुभ होता है क्या...?

*•* मंत्री पद की घोषणा के पश्चात मंत्रालय को स्वीकारने व कुर्सी पर बैठने के लिए शुभ मुहूर्त खोजे जाते है...!   

*•* फिर भी मंत्री पद  अल्प कालीन क्यों हो जाता है...!

*•* 🌞 शुभ मुहूर्त मे जन्मा बच्चा सदैव वैज्ञानिक, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उद्योगपति ही होगा क्या...?

*•* 🌞 अंबानी के जन्म मुहुर्त मे पैदा हुए सभी बच्चे अंबानी जैसे हुए क्या...?

*•* 🌤 उच्च शिक्षित डाक्टर, इंजीनियर, उद्योगपति अपने कार्यालय का उद्घाटन करते समय  मुहुर्त देखकर ही शुरूआत करते है
 फिर भी कितनो को अपयश मिलता है ऐसा क्यो...?

                         *:: कारण ::*

*•* 🌤 शुभ मुहूर्त यह धोखा है, सच नही।
 जिनको खुद पर विश्वास ना हो वही ऐसी बातो पर विश्वास रखता है।

*•* 🌤 मुहुर्त देखने वाली पेशवाई नष्ट हो गई और कभी मुहुर्त ना देखने वाले ब्रिटिशो ने पुरे भारत  और आधे विश्व मे अपना परचम फहराया...!

*•* 💥 अपने आप पर और अपने कर्मो पर विश्वास रखे।

*•* 💥 अगर आपका मन निर्मल होगा और प्रयास करने की क्षमता होगी तो आपको यशस्वी होने से कोई समय व मुहुर्त रोक नही सकता।
  
*•* इसलिए आज व अभी से शुभ अशुभ मुहुर्त मे ना पडते हुए वैज्ञानिक सोच अपनाएं और  अपना व दूसरों का समय ना बर्बाद करते हुए यशस्वी बनें...।

*• 33 करोड़ देवी देवता घर में रखने के बाद भी*
*भरोसा सिर्फ ताले पर ही किया जाता है देवी देवताओं पर नहीं*

*• ऐसा क्यों...?* 🤔
आजकल भगवान भी विज्ञान के भरोसे हैं
नही तो मन्दिरो मे cctv कैमरे की क्या जरुरत। ??????

*इन बातों पर विचार जरूर करे।*

सहारे मत तलाश करें

ईरान का एक बादशाह सर्दियों की शाम जब अपने महल में दाखिल हो रहा था तो एक बूढ़े दरबान को देखा जो महल के सदर दरवाज़े पर पुरानी और बारीक वर्दी में पहरा दे रहा था।    बादशाह ने उसके करीब अपनी सवारी को रुकवाया और उस ज़ईफ़ दरबान से पूछने लगा ..सर्दी नही लग रही ? दरबान ने जवाब दिया "बोहत लग रही है हुज़ूर ! मगर क्या करूँ, गर्म वर्दी है नही मेरे पास, इसलिए बर्दाश्त करना पड़ता है।      मैं अभी महल के अंदर जाकर अपना ही कोई गर्म जोड़ा भेजता हूँ तुम्हे। दरबान ने खुश होकर बादशाह को फर्शी सलाम किया और आजिज़ी का इज़हार किया।      लेकिन बादशाह जैसे ही महल में दाखिल हुआ, दरबान के साथ किया हुआ वादा भूल गया। सुबह दरवाज़े पर उस बूढ़े दरबान की अकड़ी हुई लाश मिली और करीब ही मिट्टी पर उसकी उंगलियों से लिखी गई ये तहरीर भी  ......बादशाह सलामत ! मैं कई सालों से सर्दियों में इसी नाज़ुक वर्दी में दरबानी कर रहा था, मगर कल रात आप के गर्म लिबास के वादे ने मेरी जान निकाल दी। 
सहारे इंसान को खोखला कर देते है। उसी तरह उम्मीदें कमज़ोर कर देती है, अपनी ताकत के बल पर जीना शुरू कीजिए, असल सहारा उस मालिक़ का है जो ज़िन्दगी में भी हमारे साथ है और मरने के बाद भी जिसकी रहमत हम को तनहा नही छोड़ती।

MALHOTRA FAMILY (A-113) DONATED LED TV to LIBRARY


20180726

L i f e

Life is not an i-pod 
to listen to your favorite songs...
It is a radio..
you must adjust yourself 
to every frequency 
and enjoy whatever comes in it

JUST For Laugh

पति (पत्नी से)- तुम मेरी जिंदगी हो... 
पत्नी (खुश होकर)- और कहो अच्छा लग रहा है... 
पति- और लानत है ऐसी जिंदगी पर... 
..........
सोनू (चिंटू से)- मेरे पापा के आगे अमीर से अमीर आदमी भी कटोरी लेकर खड़े रहते हैं। 
चिंटू (सोनू से)- ऐसे कितने अमीर हो तुम? 
सोनू- मेरे पापा गोल-गप्पे की रेडी लगाते हैं। 
.........
पत्नी (पति से)- पूरी दुनिया में चिराग लेकर ढूंढोगे तो भी मेरी जैसी बीवी नही मिलेगी... 
पति (पत्नी से)- तुम्हें किसने कहा कि दूसरी बार भी तुम्हारे जैसी ही ढूढूंगा? 
..........
संता के घर 20 साल के बाद बच्चा हुआ, उसे देख संता बहुत उदास हो गया! 


बंता (संता से)- यार उदास क्यों है? 


संता (बंता से)- यार ! 20 साल बाद बच्चा हुआ वो भी इतना सा? 
...........
एक दिन संता ने सड़क के किनारे केले का छिलका देखा और बोल उठा, ओह! आज फिर गिरना पड़ेगा..


दूसरे दिन उसने दो छिलके देखे तो सोचने लगा इस पर गिरूं या उस पर, 


तीसरे दिन संता ने बहुत से छिलके देखें। 
संता ने अपनी पत्नी को फोन करके बताया, आज घर देर से आऊंगा..

20171210

दांत दर्द के घरेलू उपचार

अमरूद की पत्तियां 
अमरूद की पत्त‍ियों में एंटीमिक्रोबिअल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाया जाता है जो दांत दर्द में दवा की तरह काम करती हैं।पत्तियों को उबालकर इस पानी को माउथवॉश की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

प्याज 
प्याज में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-सेप्ट‍िक गुण पाए जाते हैं, दांतों में दर्द होने पर इससे आराम मिलता है। यह मसूड़ों को भी इंफेक्शन से सुरक्षित रखने में मददगार है।,

लहसुन 
लहसुन में एंटीऑक्सिडेंट, एंटीबायोटिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी और दूसरे कई औषधीय गुण पाए जाते हैं जो दांत दर्द में दवा की तरह काम करते हैं। यह मुंह के बैक्टीरिया को भी पनपने नहीं देता है।  दांत दर्द होने पर लहसुन की कलियां चबाएं।

 लौंग
 लौंग मेंअनेस्थेटिक और एनाल्जेसिक के गुण आपके दर्द को शांत करने में मदद करेगा। इसके एंटी-सेप्टिक और एंटी-बैक्टीरियल गुण भी इंफेक्शन नहीं होने देता है।  जिस दांत के बीच दर्द हो रहा हो वहां एक लौंग दबा कर रखें जिससे तुरंत आराम मिलेगा।

20170905

ग़ज़ल

इश्क़ में तू गीत गाना सीख ले
गीत के संग इक तराना सीख ले
क्या करेगा ज़र ज़मीं को जोड़कर
प्यार की दौलत कमाना सीख ले
हौंसला कुछ इस तरह से ओढ़ ले
दर्द में भी मुस्कुराना सीख ले
आफ़तों या मुश्किलों के दौर में
गीत कोई गुनगुनाना सीख ले
दे रहा तू प्यार अपनो को मगर
ग़ैर को अपना बनाना सीख ले
ग़म भुलाने है तुझे जो आजकल
मयक़दे में आना जाना सीख ले
     -  हरमिंदर पाल दिल्ली 

20170831

मखाना FOXNUT



आप मखाने के चार दानों का सेवन करके शुगर से हमेशा के लिए निजात पा सकते है। इसके सेवन से शरीर में इंसुलिन बनने लगता है और शुगर की मात्रा कम हो जाती है। फिर धीरे-धीरे शुगर रोग भी खत्म हो जाता है।

सेवन की विधि
अगर आप जल्द से जल्द मधुमेह को खत्म करना चाहते है तो सुबह खाली पेट चार दाने मखाने खाएं। इनका सेवन कुछ दिनों तक लगातार करें। इससे मधुमेह का रोग तेजी से खत्म होगा।

दिल के लिए फायदेमंद
मखाना केवल शुगर के मरीज के लिए ही नहीं बल्कि हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों में भी फायदेमंद है। इनके सेवन से दिल स्वस्थ रहता है और पाचन क्रिया भी दुरूस्त रहती है।

तनाव कम
मखाने के सेवन से तनाव दूर होता है और अनिद्रा की समस्या भी दूर रहती है। रात को सोने से पहले दूध के साथ मखानों का सेवन करें।

जोड़ों का दर्द दूर
मखाने में कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है। इनका सेवन जोड़ों के दर्द, गठिया जैसे मरीजों के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है।

पाचन में सुधार
मखाना एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है जो सभी आयु वर्ग के लोगों को आसानी से पच जाता है। इसके अलावा फूल मखाने में एस्‍ट्रीजन गुण भी होते हैं जिससे यह दस्त से राहत देता है और भूख में सुधार करने के लिए मददगार है।

किडनी को मजबूत
फूल मखाने में मीठा बहुत कम होने के कारण यह स्प्लीन को डिटॉक्‍सीफाइ करता है। किडनी को मजबूत बनाने और ब्‍लड को बेहतर रखने के लिए खानों का नियमित सेवन करें।

तालाब, झील, दलदली क्षेत्र के शांत पानी में उगने वाला मखाना पोषक तत्वों से भरपुर एक जलीय उत्पाद है।

20170707

शक्ति (देवी)

शक्ति, ईश्वर की वह कल्पित माया है जो उसकी आज्ञा से सब काम करनेवाली और सृष्टिरचना करनेवाली मानी जाती है। यह अनंतरूपा और अनंतसामर्थ्यसंपन्ना कही गई है। यही शक्ति जगत्रूप में व्यक्त होती है और प्रलयकाल में समग्र चराचर जगत् को अपने में विलीन करके अव्यक्तरूपेण स्थित रहती है। यह जगत् वस्तुत: उसकी व्यवस्था का ही नाम है।

गीता में वर्णित योगमाया यही शक्ति है जो व्यक्त और अव्यक्त रूप में हैं। कृष्ण 'योगमायामुवाश्रित:' होकर ही अपनी लाला करते हैं। राधा उनकी आह्वादिनी शक्ति है। शिव शक्तिहीन होकर कुछ नहीं कर सकते। शक्तियुक्त शिव ही सब कुछ करने में, न करने में, अन्यथा करने में समर्थ होते हैं। इस तरह भारतीय दर्शनों में किसी न किसी नाम रूप से इसकी चर्चा है। पुराणों में विभिन्न देवताओं की विभिन्न शक्तियों की कल्पना की गई है। इन शक्तियों को बहुधा देवी के रूप में और मूर्तिमती माना गया है। जैसे, विष्णु की कीर्ति, कांति, तुष्टि, पुष्टि आदि; रुद्र की गुणोदरी, गोमुखी, दीर्घजिह्वा, ज्वालामुखी आदि। मार्कण्डेयपुराण के अनुसार समस्त देवताओं की तेजोराशि देवी शक्ति के रूप में कही गई है जिसकी शक्ति वैष्णवी, माहेश्वरी, ब्रह्माणी, कौमारी, नारसिंही, इंद्राणी, वाराही आदि हैं। उन देवों के स्वरूप और गुणादि से युक्त इनका वर्णन प्राप्त होता है।

तंत्र के अनुसार किसी पीठ की अधिष्ठात्री देवी शक्ति के रूप में कही गई है, जिसकी उपासना की जाती है। इसके उपासक शाक्त कहे जाते हैं। यह शक्ति भी सृष्टि की रचना करनेवाली और पूर्ण सामर्थ्यसंपन्न कही गई है। बौद्ध, जैन आदि संप्रदायों के तंत्रशास्त्रों में शक्ति की कल्पना की गई है, इन्हें बौद्धाभर्या भी कहा गया है। तांत्रिकों की परिभाषा में युवती, रूपवती, सौभाग्यवती विभिन्न जाति की स्त्रियों को भी इस नाम से कहा गया है और विधिपूर्वक इनका पूजन सिद्धिप्रद माना गया है।

प्रभु, मंत्र और उत्साह नाम से राजाओं की तीन शक्तियाँ कही गई हैं। कोष और दंड आदि से संबंधित शक्ति प्रभुशक्ति, संधिविग्रह आदि से संबंधित मंत्रशक्ति और विजय प्राप्त करने संबंधी शक्ति को उत्साह शक्ति कहा गया। राज्यशासन की सुदृढ़ता के निमित्त इनका होना आवश्यक कहा गया है।

शब्द के अंतर्निहित अर्थ को व्यक्त करने का व्यापार शब्दशक्ति नाम से अभिहित है। ये व्यापार तीन कहे गए हैं - अभिधा, लक्षणा और व्यंजना। आचार्यों ने इसे शक्ति और वृत्ति नाम से कहा है। घट के निर्माण में मिट्टी, चक्र, दंड, कुलाल आदि कारण है और चक्र का घूमना शक्ति या व्यापार है और अभिधा, लक्षणा आदि व्यापार शक्तियाँ हैं। मम्मट ने व्यापार शब्द का प्रयोग किया है तो विश्वनाथ ने शक्ति का। 'शक्ति' में ईश्वरेच्छा के रूप में शब्द के निश्चित अर्थ के संकेत को माना गया है। यह प्राचीन तर्कशास्त्रियों का मत है। बाद में 'इच्छामात्र' को 'शक्ति' माना गया, अर्थात् मनुष्य की इच्छा से भी शब्दों के अर्थसंकेत की परंपरा को माना। 'तर्कदीपिका' में शक्ति को शब्द अर्थ के उस संबंध के रूप में स्वीकार किया गया है जो मानस में अर्थ को व्यक्त करता है।

ऐ मालिक तेरे बन्दे हम


ऐ मालिक तेरे बन्दे हम
ऐसे हों हमारे करम
नेकी पर चलें और बदी से टलें
ताकि हंसते हुए निकले दम

ये अंधेरा घना छा रहा
तेरा इंसान घबरा रहा
हो रहा बेखबर, कुछ न आता नज़र
सुख का सूरज छुपा जा रहा
है तेरी रोशनी में जो दम
तो अमावस को कर दे पूनम
नेकी पर चलें और बदी से टलें
ताकि हंसते हुए निकले दम

जब ज़ुल्मों का हो सामना
तब तू ही हमें थामना
वो बुराई करें, हम भलाई भरें
नहीं बदले की हो कामना
बढ़ उठे प्यार का हर कदम
और मिटे बैर का ये भरम
नेकी पर चलें और बदी से टलें
ताकि हंसते हुए निकले दम

बड़ा कमज़ोर है आदमी
अभी लाखों हैं इसमें कमी
पर तू जो खड़ा, है दयालू बड़ा
तेरी किरपा से धरती थमी
दिया तूने हमें जब जनम
तू ही झेलेगा हम सबके ग़म
नेकी पर चलें और बदी से टलें
ताकि हंसते हुए निकले दम

20170116

रिश्ता

हर रिश्ता अब तो झूठा और लाचार दिखाई देता है
रिश्तों का भी अब तो एक बाजार दिखाई देता है
हर क्षण बिकते दादा मामा चाचा बुआ भाई यहां
प्यार महोब्बत भी अब तो व्यापार दिखाई देता है।
                       हरमिंदर पाल

20161222

मधुमेह ( Diabetes )

मधुमेह या चीनी की बीमारी एक खतरनाक रोग है। यह बीमारी में हमारे शरीर में अग्नाशय द्वारा इंसुलिन का स्त्राव कम हो जाने के कारण होती है। रक्त ग्लूकोज स्तर बढ़ जाता है, साथ ही इन मरीजों में रक्त कोलेस्ट्रॉल, वसा के अवयव भी असामान्य हो जाते हैं। धमनियों में बदलाव होते हैं। इन मरीजों में आँखों, गुर्दों, स्नायु, मस्तिष्क, हृदय के क्षतिग्रस्त होने से इनके गंभीर, जटिल, घातक रोग का खतरा बढ़ जाता है।

मधुमेह होने पर शरीर में भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करने की सामान्य प्रक्रिया तथा होने वाले अन्य परिवर्तनों का विवरण इस प्रकार से है। किया गया भोजन पेट में जाकर एक प्रकार के ईंधन में बदलता है जिसे ग्लूकोज कहते हैं। यह एक प्रकार की शर्करा होती है। ग्लूकोज रक्त धारा में मिलता है और शरीर की लाखों कोशिकाओं में पहुंचता है। अग्नाशय वह अंग है जो रसायन उत्पन्न करता है और इस रसायन को इंसुलिन कहते हैं। इनसुलिन भी रक्तधारा में मिलता है और कोशिकाओं तक जाता है। ग्लूकोज से मिलकर ही यह कोशिकाओं तक जा सकता है। शरीर को ऊर्जा देने के लिए कोशिकाएं ग्लूकोज को उपापचित (जलाती) करती है। ये प्रक्रिया सामान्य शरीर में होती हैं।

मधुमेह होने पर शरीर को भोजन से ऊर्जा प्राप्त करने में कठिनाई होती है। पेट फिर भी भोजन को ग्लूकोज में बदलता रहता है। ग्लूकोज रक्त धारा में जाता है। किन्तु अधिकांश ग्लूकोज कोशिकाओं में नही जा पाते


  • जिन रोगियों को बार-बार पेशाब आना, अधिक प्यास लगना, घाव धीरे-धीरे भरना ऐसे लक्षण हो उन रोगियों को वजन घटाना चाहिये
  • नीम की सात से आठ हरी मुलायम पत्तियां सुबह हर रोज खाली पेट चबाकर उसका रस निगल जाये ऐसा नियमित करते रहने से शुगर पर नियन्त्रण बना रहता है
  • शुगर वाला रोगी कपालभाति प्राणायाम  एवं मण्डुकासन करे

20161221

घृत कुमारी या एलोवेरा

घृत कुमारी या अलो वेरा/एलोवेरा के लिए चित्र परिणाम
घृत कुमारी या एलोवेरा के अर्क का प्रयोग बड़े स्तर पर सौंदर्य प्रसाधन और वैकल्पिक औषधि उद्योग जैसे चिरयौवनकारी (त्वचा को युवा रखने वाली क्रीम), आरोग्यी या सुखदायक के रूप में प्रयोग किया जाता है, लेकिन घृत कुमारी के औषधीय प्रयोजनों के प्रभावों की पुष्टि के लिये बहुत कम ही वैज्ञानिक साक्ष्य मौजूद है और अक्सर एक अध्ययन दूसरे अध्ययन की काट करता प्रतीत होता है। इस सबके बावजूद, कुछ प्रारंभिक सबूत है कि घृत कुमारी मधुमेह के इलाज में काफी उपयोगी हो सकता है साथ ही यह मानव रक्त में लिपिड का स्तर काफी घटा देता है। माना जाता है ये सकारात्मक प्रभाव इसमे उपस्थिति मन्नास, एंथ्राक्युईनोनेज़ और लिक्टिन जैसे यौगिकों के कारण होता है। इसके अलावा मानव कल्याण संस्थान के निदेशक और सेवानिवृत्त चिकित्सा अधिकारी डॉ॰गंगासिंह चौहान ने काजरी के रिटायर्ड वैज्ञानिक डॉ॰ए पी जैन के सहयोग से एलोविरा और मशरूम के कैप्सूल तैयार किए हैं, जो एड्स रोगियों के लिए बहुत लाभदायक हैं। यह रक्त शुद्धि भी करता है।

20161206

आँवला, एक स्वास्थ्यवर्धक फल




आँवला दाह, खाँसी, श्वास रोग, कब्ज, पाण्डु, रक्तपित्त, अरुचि, त्रिदोष, दमा, क्षय, छाती के रोग, हृदय रोग, मूत्र विकार आदि अनेक रोगों को नष्ट करने की शक्ति रखता है। वीर्य को पुष्ट करके पौरुष बढ़ाता है, चर्बी घटाकर मोटापा दूर करता है। सिर के केशों को काले, लम्बे व घने रखता है। दाँत-मसूड़ों की खराबी दूर होना, कब्ज, रक्त विकार, चर्म रोग, पाचन शक्ति में खराबी, नेत्र ज्योति बढ़ना, बाल मजबूत होना, सिर दर्द दूर होना, चक्कर, नकसीर, रक्ताल्पता, बल-वीर्य में कमी, बेवक्त बुढ़ापे के लक्षण प्रकट होना, यकृत की कमजोरी व खराबी, स्वप्नदोष, धातु विकार, हृदय विकार, फेफड़ों की खराबी, श्वास रोग, क्षय, दौर्बल्य, पेट कृमि, उदर विकार, मूत्र विकार आदि अनेक व्याधियों के घटाटोप को दूर करने के लिए आँवला काफी उपयोगी है।

Excel Function Formula to Convert Rupees in Figure to Word in Excel Sheet

Following function convert ( Rupees in figure ) numeric value in a Microsoft Excel worksheet cell into its equivalent in (Rupees in Word ) English words.
e.g.  =SpellNumber(5678) will display as Rupees Five Thousand Six Hundred SeventyEight Only

After copying following code, Enable macro and use above function.

How to create the sample function Called SpellNumber

Start Microsoft Excel.
Press ALT+F11 to start the Visual Basic Editor.
On the Insert menu, click Module.
Type the following code into the module sheet.

Function SpellNumber(amt As Variant) As Variant
Dim FIGURE As Variant
Dim LENFIG As Integer
Dim i As Integer
Dim WORDs(19) As String
Dim tens(9) As String
WORDs(1) = "One"
WORDs(2) = "Two"
WORDs(3) = "Three"
WORDs(4) = "Four"
WORDs(5) = "Five"
WORDs(6) = "Six"
WORDs(7) = "Seven"
WORDs(8) = "Eight"
WORDs(9) = "Nine"
WORDs(10) = "Ten"
WORDs(11) = "Eleven"
WORDs(12) = "Twelve"
WORDs(13) = "Thirteen"
WORDs(14) = "Fourteen"
WORDs(15) = "Fifteen"
WORDs(16) = "Sixteen"
WORDs(17) = "Seventeen"
WORDs(18) = "Eighteen"
WORDs(19) = "Nineteen"
tens(2) = "Twenty"
tens(3) = "Thirty"
tens(4) = "Fourty"
tens(5) = "Fifty"
tens(6) = "Sixty"
tens(7) = "Seventy"
tens(8) = "Eighty"
tens(9) = "Ninety"
FIGURE = amt
FIGURE = Format(FIGURE, "FIXED")
FIGLEN = Len(FIGURE)
If FIGLEN < 12 Then
FIGURE = Space(12 - FIGLEN) & FIGURE
End If
If Val(Left(FIGURE, 9)) > 1 Then
SpellNumber = "Rupees "
ElseIf Val(Left(FIGURE, 9)) = 1 Then
SpellNumber = "Rupee "
End If
For i = 1 To 3
If Val(Left(FIGURE, 2)) < 20 And Val(Left(FIGURE, 2)) > 0 Then
SpellNumber = SpellNumber & WORDs(Val(Left(FIGURE, 2)))
ElseIf Val(Left(FIGURE, 2)) > 19 Then
SpellNumber = SpellNumber & tens(Val(Left(FIGURE, 1)))
SpellNumber = SpellNumber & WORDs(Val(Right(Left(FIGURE, 2), 1)))
End If
If i = 1 And Val(Left(FIGURE, 2)) > 0 Then
SpellNumber = SpellNumber & " Crore "
ElseIf i = 2 And Val(Left(FIGURE, 2)) > 0 Then
SpellNumber = SpellNumber & " Lakh "
ElseIf i = 3 And Val(Left(FIGURE, 2)) > 0 Then
SpellNumber = SpellNumber & " Thousand "
End If
FIGURE = Mid(FIGURE, 3)
Next i
If Val(Left(FIGURE, 1)) > 0 Then
SpellNumber = SpellNumber & WORDs(Val(Left(FIGURE, 1))) + " Hundred "
End If
FIGURE = Mid(FIGURE, 2)
If Val(Left(FIGURE, 2)) < 20 And Val(Left(FIGURE, 2)) > 0 Then
SpellNumber = SpellNumber & WORDs(Val(Left(FIGURE, 2)))
ElseIf Val(Left(FIGURE, 2)) > 19 Then
SpellNumber = SpellNumber & tens(Val(Left(FIGURE, 1)))
SpellNumber = SpellNumber & WORDs(Val(Right(Left(FIGURE, 2), 1)))
End If
FIGURE = Mid(FIGURE, 4)
If Val(FIGURE) > 0 Then
SpellNumber = SpellNumber & " Paise "
If Val(Left(FIGURE, 2)) < 20 And Val(Left(FIGURE, 2)) > 0 Then
SpellNumber = SpellNumber & WORDs(Val(Left(FIGURE, 2)))
ElseIf Val(Left(FIGURE, 2)) > 19 Then
SpellNumber = SpellNumber & tens(Val(Left(FIGURE, 1)))
SpellNumber = SpellNumber & WORDs(Val(Right(Left(FIGURE, 2), 1)))
End If
End If
FIGURE = amt
FIGURE = Format(FIGURE, "FIXED")
If Val(FIGURE) > 0 Then
SpellNumber = SpellNumber & " Only "
End If
End Function

20160920

HOW A SON/DAUGHTER THINKS OF HIS/HER DADDY AT DIFFERENT AGES


At 4 Years
My daddy is great.
At 6 Years
My daddy knows everybody.
At 10 Years
My daddy is good but is short tempered
At 12 Years
My daddy was very nice to me when I was young .
At 14 Years
My daddy is getting fastidious.
At 16 Years
My daddy is not in line with the current times.
At 18 Years
My daddy is becoming increasingly cranky.
At 20 Years
Oh! Its becoming difficult to tolerate daddy.
Wonder how Mother puts up with him.
At 25 Years
Daddy is objecting to everything.
At 30 Years
It's becoming difficult to manage my son.
I was so scared of my father when I was young.
At 40 Years
Daddy brought me up with so much discipline.
Even I should do the same.
At 45 Years
I am baffled as to how my daddy brought us up.
At 50 Years
My daddy faced so many hardships to bring us up.
I am unable to manage a single son.
At 55 Years
My daddy was so far sighted and planned so many things for us.
He is one of his kind and unique.
At 60 Years
My daddy is great.
Thus, it took 56 years to complete the cycle and come back to the first stage.

Brilliant Joke

A Woman was out golfing one day when she hit the ball into the woods. 
She went into the woods to look for it and found a frog in a trap. 

The frog said to her, "If you release me from this trap, I will grant you three wishes." 
The woman freed the frog, and the frog said, "Thank you, but I failed to mention that there was a condition to your wishes. 

Whatever you wish for, your husband will get ten times of it!" The woman 
said, "That's okay." 

For her first wish, she wanted to be the most beautiful woman in the world. 
The frog warned her, "You do realize that this wish will also make your husband the most handsome man in the world, an Adonis whom women will flock to". 
The woman replied, "That's okay, because I will be the most beautiful woman and he will have eyes only for me." 
So, Tatha-astu - she's the most beautiful Woman in the world! 

For her second wish, she wanted to be the richest woman in the world. 
The frog said, "That will make your husband the richest man in the world. And he will be ten times richer than you. " 
The woman said, "That's okay, because what's mine is his and what's 
his is mine." 
So, Tatha-astu - she's the richest woman in the world! 

The frog then inquired about her third wish, and she answered, "I'd like to have a mild heart attack."
The man had a heart attack ten times milder than his wife!!! 

Moral of the story: Women are clever. Don't mess with them.

Life is ..........

Life is happening, love it.
Life is love, feel it.
Life is spirit, nurture it.
Life is laughter, enjoy it.
Life is happiness, strive for it.
Life is an opportunity, benefit from it.
Life is beauty, admire it.
Life is bliss, taste it.
Life is a dream, realize it.
Life is a challenge, meet it.
Life is a duty, complete it.
Life is a game, play it.
Life is a promise, fulfill it.
Life is sorrow, overcome it.
Life is a song, sing it.
Life is a struggle, accept it.
Life is a tragedy, confront it.
Life is an adventure, dare it.
Life is luck, make it.
Life is too precious, do not destroy it.
Life is people, protect it.
Life is life, just love it.