20200616

रिश्ते-नाते केंद्र सम्बन्धित फाइल देखने के लिए



आप सब से अनुरोध है कि मन्दिर के खुलने तक धेर्य रखते हुए मन्दिर के दुबारा खुलने की परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करे ।
तब तक आप ऑनलाइन फॉर्म भरना चाहते हैं तो भर सकते हैं ये निशुल्क और फ़्री है 

धन्यवाद
सत्यवीर सिंह त्यागी

20200523

कटी प्याज के नुकसान

‌          
‌  मानो या ना मानो यह पूर्णतया सत्य है.
‌देर से कटी प्याज का कभी उपयोग ना करें.     प्याज हमेशा तुरंत काट कर खाएं.
‌कटी रखी प्याज दस मिनिट में  अपने आस पास के सारे कीटाणु अवशोसित कर लेती है.
यह वेज्ञानिक तौर पर सिद्ध हो चुका है.
‌जब भी किसी मौसमी बीमारी का प्रकोप फैले घर में सुबह शाम हर कमरें में प्याज काट कर रख दें.
‌ बाद में उसे फैंक दें. सुरक्षित बने रहेंगें.
‌प्याज के संबध में महत्वपूर्ण जानकारी.
‌सन 1919 में फ्लू से चार करोड़ लोग मारे जा चुके थे, तब एक डॉक्टर कई किसानों से उनके घर इस प्रत्याशा में 
‌मिला कि वो कैसे इन किसानों को इस महामारी से लड़ने में सहायता कर सकता है.बहुत सारे किसान इस फ्लू से ग्रसित थे 
‌और उनमें से बहुत से मारे जा चुके थे.डॉक्टर जब इनमें से एक किसान के संपर्क में आया तो उसे ये जान कर बहुत आश्चर्य हुआ, कि सारे गाँव के फ्लू से ग्रसित होने के बावजूद ये किसान परिवार बिलकुल स्वस्थ्य था.तब डॉक्टर को ये जानने की इच्छा जागी कि ऐसा इस किसान के परिवार ने सारे गाँव से हटकर क्या किया कि वो इस भंयकर महामारी में भीस्वस्थ्य थे.   तब किसान की पत्नी ने उन्हें बताया कि उसने अपने मकान के दोनों कमरों में ‌एक प्लेट में  छिली हुई प्याज रख दी थी तब डॉक्टर ने प्लेट में रखी इन प्याज को ‌माइक्रोस्कोप से देखा तो उसे इस प्याज में उस घातक फ्लू के बैक्टेरिया मिले जो ‌संभवतया इन प्याज द्वारा अवशोषित कर लिए गए थे और शायद यही कारण था कि ‌इतनी बड़ी महामारी में ये परिवार बिलकुल स्वस्थ्य था, क्योंकि फ्लू के वायरस इन प्याज द्वारासोख लिए गए थे.
‌जब मैंने अपने एक मित्र जो अमेरिका में रहते थे और मुझे हमेशा स्वास्थ्य संबधी मुद्दों पर  ‌बेहद ज्ञानवर्धक जानकारी भेजते रहते हैं,‌तब उन्होंने प्याज के संबध में बेहद महत्वपूर्ण जानकारी/अनुभव मुझे भेजा. उनकी इस बेहद रोचक कहानी के लिए धन्यवाद.
‌जब मैं न्यूमोनिया से ग्रसित था और कहने की आवश्यकता नहीं थी कि मैं बहुत कमज़ोर महसूस कर रहा था तब मैंने एक लेख पढ़ा था जिसमें ये बताया गया था कि प्याज को बीच से काटकर रात में  न्यूमोनिया से ग्रस्त मरीज़ के कमरे में एक जार में रख दिया गया था और सुबह यह देख कर बेहद आश्चर्य हुआ कि प्याज सुबह कीटाणुओं की वज़ह से  बिलकुल काली हो गई थी‌तब मैंने भी अपने कमरे में वैसे ही किया और देखा अगले दिन प्याज बिलकुल काली होकर खराब हो चुकी थी और मैं काफी स्वस्थ्य महसूस कर रहा था.
‌कई बार हम पेट की बीमारी से दो चार होते है तब हम इस बात से अनजान रहते है कि इस बीमारी के लिए किसे दोषी ठहराया जाए. तब नि :संदेह प्याज को इस बीमारी के लिए दोषी ठहराया जा सकता है.
‌प्याज बैक्टेरिया को अवशोषित कर लेती है यही कारण है कि अपने इस गुण के कारण प्याज हमें ठण्ड और फ्लू से बचाती है.
‌अत: वे प्याज बिलकुल नहीं खाना चाहिए जो बहुत देर पहले काटी गई हो और प्लेट में रखी गई हों. ये जान लें कि ...
‌ काट कर रखी गई प्याज बहुत विषाक्त होती हैं.
‌जब कभी भी फ़ूड पॉइसनिंग के केस अस्पताल में आते हैं तो सबसे पहले इस बात की जानकारी ली जाती कि मरीज़ ने अंतिम बार प्याज कब खाई थी. और वे प्याज कहाँ से आई थीं ,  ‌(खासकर सलाद में )
‌प्याज बैक्टेरिया के लिए चुंबक की तरह काम करती हैं  खासकर कच्ची प्याज आप कभी भी थोड़ी सी भी कटी हुई प्याज को देर तक रखने की गलती न करे ये बेहद खतरनाक हैं.
‌    यहाँ तक कि किसी बंद थैली में इसे रेफ्रिजरेटर में रखना भी सुरक्षित नहीं है.
‌प्याज ज़रा सी काट देने पर ये बैक्टेरिया से ग्रसित हो सकती है और आपके लिए खतरनाक हो सकती है. यदि आप कटी हुई प्याज को सब्ज़ी बनाने के लिए उपयोग कर रहें हो, तब तो ये ठीक है, लेकिन यदि आप कटी हुई प्याज अपनी ब्रेड पर रख कर खा रहें है तो ये बेहद खतरनाक है. ऐसी स्थिति में आप मुसीबत को न्योता दे रहें हैं. याद रखे कटी हुई प्याज और कटे हुए आलू की नमी बैक्टेरिया को तेज़ी से  पनपने में बेहद सहायक होता है.
‌कुत्तों को कभी भी प्याज नहीं खिलाना चाहिए, क्योंकि प्याज को उनका पेट का मेटाबोलिज़ कभी भी नहीं पचाता.
‌कृपया ध्यान रखे कि ...
‌प्याज को काट कर अगले दिन सब्ज़ी बनाने के लिए नहीं रखना चाहिए क्योंकि ये बहुत खतरनाक है यहाँ तक कि कटी हुई प्याज एक रात में बहुत विषाक्त हो जाती है क्योंकि ये टॉक्सिक बैक्टेरिया बनाती है जो पेट खराब करने के लिए पर्याप्त रहता है.

20200205

इंसान हमसे भी अच्छा नोंचता है

बेजुबान पत्थर पे लदे है करोडो के गहने मंदिरो में,
उसी दहलीज पे एक रूपये को तरसते नन्हे हाथो को देखा है।।
       
सजे थे छप्पन भोगऔर मेवे  मूरत के आगे,
बाहर एक फ़कीर को भूख से तड़प के मरते देखा है।।
           
लदी हुई है रेशमी चादरों से वो हरी मजार,
पर बाहर एक बूढ़ी अम्मा को ठंड से ठिठुरते देखा है।।
        
वो दे आया एक लाख गुरद्वारे में हॉल के लिए,
घर में उसको 500 रूपये के लिए काम वाली बाई को बदलते देखा है।।
        
सुना है चढ़ा था सलीब पे कोई दुनिया का दर्द मिटाने को,
आज चर्च में बेटे की मार से बिलखते माँ बाप को देखा है।।
          
जलाती रही जो अखन्ड ज्योति देसी घी की दिन रात पुजारन,
आज उसे प्रसव में कुपोषण के कारण मौत से लड़ते देखा है।।
         
जिसने न दी माँ बाप को भर पेट रोटी कभी जीते जी,
आज लगाते उसको भंडारे मरने के बाद देखा है।।
        
दे के समाज की दुहाई ब्याह दिया था जिस बेटी को जबरन बाप ने,
आज पीटते उसी शौहर के हाथो सरे राह देखा है।।
         
मारा गया वो पंडित बे मौत सड़क दुर्घटना में यारो,
जिसे खुद को काल, सर्प, तारे और हाथ की लकीरो का माहिर लिखते देखा है।।
         
जिसे घर की एकता की देता था जमाना कभी मिसाल दोस्तों,
आज उसी आँगन में खिंचती दीवार को देखा है।।
          
बन्द कर दिया सांपों को सपेरे ने यह कहकर,
अब इंसान ही इंसान को डसने के काम आएगा।।
        
आत्म हत्या कर ली गिरगिट ने सुसाइड नोट छोडकर,
अब इंसान से ज्यादा मैं रंग नहीं बदल सकता।।
         
गिद्ध भी कहीं चले गए लगता है उन्होंने देख लिया कि,
इंसान हमसे भी अच्छा नोंचता  है।।

20191006

🙏ओ३म्  🙏
🚩 अपने जीवन के एक एक सेकंड का सदुपयोग करो🚩
अगर आपके पास 86,400 रुपये है और कोई भी लुटेरा 10 रुपये छिनकर भाग जाए तो आप क्या करेंगे?

क्या आप उसके पीछे भागकर लुटे हुवे 10 रुपये वापस पाने की कोशिश करोगे? या आप अपने बचे हुवे  86,390 को हिफाज़त से लेकर अपने रास्ते पर चलते रहेंगे?

कक्षा के कमरे में बहुमत ने कहा कि हम 10 रुपये की तुच्छ राशि की अनदेखी करते हुए अपने बचे हुवे पैसा लेकर अपने रास्ते पर चलते रहेंगे।

शिक्षक ने कहा: "आप लोगों का सत्य और अवलोकन सही नहीं है। मैंने देखा है कि ज्यादातर लोग 10 रुपये वापस लेने की फ़िक्र में चोर का पीछा करते हैं और परिणाम के रूप में, उनके बचे हुए 86,390 रुपये भी हाथ से धो बैठते हैं।

शिक्षक को देखते हुए छात्र हैरान होकर पूछने लगे "सर, यह असंभव है, ऐसा कौन करता है?"

शिक्षक ने कहा! "ये 86,400 वास्तव में हमारे दिन के सेकंड में से एक हैं।
      10 सेकंड की बात लेकर, या किसी भी 10 सेकंड की नाराज़गी और गुस्से में, हम बाकी के पुरे दिन को सोच,कुढ़न और जलने में गुज़ार देते हैं और हमारे बचे हुए 86,390 सेकंड भी नष्ट कर देते हैं।

चीज़ों को अनदेखा करें। ऐसा न हो कि  चन्द लम्हे का गुस्सा ,नकारात्मकता आपसे आपके सारे दिन की ताज़गी और खूबसूरती छीनकर ले जाए।
 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

20190920

तुलसीदास जी के मात्र एक दोहे में है भारत के 29 राज्यों के नाम

भारत में कितने राज्य हैं और इन राज्यों के नाम क्या है?  लेकिन बच्चे 29 राज्यों के नाम याद नहीं रख पाते। लेकिन हम आपको तुलसीदास जी का एक दोहा बतायेंगे जिसमें भारत के 29 राज्यों के नाम समाए हुए है। यह दोहा है-

राम नाम जपते अत्रि मत गुसिआउ।
पंक में उगोहमि अहि के छबि झाउ।।
इस प्रकार है भारत के 29 राज्यों के नाम

रा– राजस्थान
म – महाराष्ट्र
ना – नागालैंड
म – मणिपुर
ज – जम्मू कश्मीर
प – पश्चिम बंगाल
ते – तेलंगाना
अ – असम
त्रि – त्रिपुरा
म – मध्य प्रदेश
त – तमिलनाडु
गु – गुजरात
सि – सिक्किम
आ- आंध्र प्रदेश
उ – उत्तर प्रदेश
पं- पंजाब
क- कर्नाटक
मे- मेघालय
उ- उत्तराखंड
गो- गोवा
ह- हरियाणा
मि- मिजोरम
अ- अरुणाचल प्रदेश
हि- हिमाचल प्रदेश
के- केरल
छ- छत्तीसगढ़
बि- बिहार
झा- झारखंड
उ- उड़ीसा

20190821

पुण्य


 (१) तुम नीचे  गिर के देखो कोई उठाने नहीं आएगा और जरा उड़कर देखो, सब आएंगे गिराने ।
 (२) दवा में कोई खुशी नहीं है और खुशी जैसी कोई दवा नहीं है । 
(३) जब तक किसी का मन खुद कैकई जैसा न हो तब तक कोई भी मंथरा उसके कान नहीं भर सकती ।
 (४) हमारा स्वभाव: जो ले कर (कर्म) जाना है उसे छोड़ रहे हैं और जो (धन) यहीं रह जाना है उसे जोड़ रहे हैं । 
(५) मन के राज़ पहुँच गए गैरों तक, मशवरा तो अपनों से किया था ।
 (६) पुण्य छप्पर फाड़ कर देता है और पाप थप्पड़ मार कर लेता है । 
(७) समय बहाकर ले जाता है नाम और निशान; कोई 'हम' में रह जाता है औऱ कोई 'अहम' में ।
▪ साभार- बृजमोहन शर्मा व स्वदेश बाला शर्मा, रोहिणी, दिल्ली ११००८५▪
🥦 वृक्ष काटने आये थे कुछ लोग मेरे उद्यान में, "अभी धूप बहुत तेज है" कहकर बैठे हैं उसकी छाँव में । 🥦

20190711

संगत

एक भंवरे की मित्रता एक गोबरी (गोबर में रहने वाले) कीड़े से थी ! एक दिन कीड़े ने भंवरे से कहा- भाई तुम मेरे सबसे अच्छे मित्र हो, इसलिये मेरे यहाँ भोजन पर आओ!

भंवरा भोजन खाने पहुँचा! बाद में भंवरा सोच में पड़ गया- कि मैंने बुरे का संग किया इसलिये मुझे गोबर खाना पड़ा! अब भंवरे ने कीड़े को अपने यहां आने का निमंत्रन दिया कि तुम कल मेरे यहाँ आओ!

अगले दिन कीड़ा भंवरे के यहाँ पहुँचा! भंवरे ने कीड़े को उठा कर गुलाब के फूल में बिठा दिया! कीड़े ने परागरस पिया! मित्र का धन्यवाद कर ही रहा था कि पास के मंदिर का पुजारी आया और फूल तोड़ कर ले गया और बिहारी जी के चरणों में चढा दिया! कीड़े को ठाकुर जी के दर्शन हुये! चरणों में बैठने का सौभाग्य भी मिला! संध्या में पुजारी ने सारे फूल इक्कठा किये और गंगा जी में छोड़ दिए! कीड़ा अपने भाग्य पर हैरान था! इतने में भंवरा उड़ता हुआ कीड़े के पास आया, पूछा-मित्र! क्या हाल है? कीड़े ने कहा-भाई! जन्म-जन्म के पापों से मुक्ति हो गयी! ये सब अच्छी संगत का फल है!
   संगत से गुण ऊपजे, संगत से गुण जाए
   लोहा लगा जहाज में ,  पानी में उतराय!

कोई भी नही जानता कि हम इस जीवन के सफ़र में एक दूसरे से क्यों मिलते है,
सब के साथ रक्त संबंध नहीं हो सकते परन्तु ईश्वर हमें कुछ लोगों के साथ मिलाकर अद्भुत रिश्तों में बांध देता हैं,हमें उन रिश्तों को हमेशा संजोकर रखना चाहिए।

 🙏🌺 *परमात्मा सदैव सबको सुखी रखें* 🌺🙏

20190501

बंद होठों की भाषा

जीवन की मौज मस्ती को पेंडिंग मत रखिये क्योंकि समय का रिजर्वेशन नहीं होता ।

दोष सिर्फ़ अंधेरे का नहीं अपितु लोग बहुत ज्यादा रोशनी से भी अंधे हो जाते हैं । 

ख़ुद की समझदारी भी एक अहमियत रखती है वरना याद रहे कि अर्जुन और दुर्योधन के गुरु तो एक ही थे । 

इश्क़ करना है किसी से तो  बेहद कीजिये क्योंकि हदें तो सरहदों की होती हैं,  दिलों की नहीं । 

अच्छे लोगों की यह खूबी है कि उन्हें याद रखना नहीं पड़ता अपितु  अनायास ही याद रह जाते हैं । 

गति धीमी होने पर आप लक्ष्य को पा लेंगे, बस जरूरी है कि आप रुकें नहीं। 

नहीं आता याचना करना तो खाली हाथ फैला दीजिये, यह जो प्रभुजी हैं, बंद होठों की भाषा भी समझ लेते हैं ।

20190418

जीवन को कैसे जीयें ?



बनावटी दुनिया के बनावटी लोग 
कुदरती मौत की बजाय 
बनावटी मौत ही मरते हैं!

"क्यों करते हो गुरुर अपने चार दिन के ठाठ पर ,
मुठ्ठी भी खाली रहेंगी जब पहुँचोगे घाट पर"...

कुछ गंभीर प्रश्न--
चिन्तन अवश्य कीजियेगा.......

क्या हम बिल्डर्स, इंटीरियर डिजाइनर्स,
केटरर्स और डेकोरेटर्स के लिए कमा रहे हैं ?

हम बड़े-बड़े क़ीमती मकानों और 
बेहद खर्चीली शादियों से
किसे इम्प्रेस करना चाहते हैं ?

क्या आपको याद है कि, 
दो दिन पहले किसी की शादी पर आपने 
क्या खाया था ?

जीवन के प्रारंभिक वर्षों में,
क्यों हम पशुओं की तरह काम में जुते रहते हैं ?

कितनी पीढ़ियों के,खान पान और 
लालन पालन की व्यवस्था करनी है हमें ?

हम में से अधिकाँश लोगों के दो बच्चे हैं। बहुतों का तो सिर्फ एक ही बच्चा है।

"हमारी जरूरत कितनी हैं ?और 
हम पाना कितना चाहते हैं"?

इस बारे में सोचिए।

क्या हमारी अगली पीढ़ी 
कमाने में सक्षम नहीं है जो, 
हम उनके लिए ज्यादा से ज्यादा 
सेविंग कर देना चाहते हैं ?

क्या हम सप्ताह में डेढ़ दिन अपने मित्रों,
अपने परिवार और अपने लिए 
स्पेयर नहीं कर सकते ?

क्या आप अपनी मासिक आय का 
5% अपने आनंद के लिए, 
अपनी ख़ुशी के लिए खर्च करते हैं ?

सामान्यतः जवाब नहीं में ही होता है

हम कमाने के साथ साथ 
आनंद भी क्यों नहीं प्राप्त कर सकते ?

इससे पहले कि आप 
स्लिप डिस्क्स का शिकार हो जाएँ, 
इससे पहले कि, 
कोलोस्ट्रोल आपके हार्ट को ब्लॉक कर दे,
आनंद प्राप्ति के लिए समय निकालिए !!

हम किसी प्रॉपर्टी के मालिक नहीं होते, 
सिर्फ कुछ कागजातों, कुछ दस्तावेजों पर
अस्थाई रूप से हमारा नाम लिखा होता है।

ईश्वर भी व्यंग्यात्मक रूप से हँसेगा 
जब कोई उसे कहेगा कि,

"मैं जमीन के इस टुकड़े का मालिक हूँ "

किसी के बारे में, 
उसके शानदार कपड़े और 
बढ़िया कार देखकर, 
राय कायम मत कीजिए।

हमारे महान गणित और विज्ञान के शिक्षक
स्कूटर पर ही आया जाया करते थे !!*

धनवान होना गलत नहीं है ,
बल्कि.......
"सिर्फ धनवान होना गलत है"

आइए ज़िंदगी को पकड़ें, 
इससे पहले कि, 
जिंदगी हमें पकड़ ले...

एक दिन हम सब जुदा हो जाएँगे, 
तब अपनी बातें, 
अपने सपने हम बहुत मिस करेंगे।

दिन, महीने, साल गुजर जाएँगे, 
शायद कभी कोई संपर्क भी नहीं रहेगा। 
एक रोज हमारी बहुत पुरानी तस्वीर देखकर 
हमारे बच्चे हमी से पूछेंगे कि,
"तस्वीर में ये दुसरे लोग कौन हैं" ?

तब हम मुस्कुराकर 
अपने अदृश्य आँसुओं के साथ 
बड़े फख्र से कहेंगे---

"ये वो लोग हैं, जिनके साथ मैंने 
अपने जीवन के बेहतरीन दिन गुजारे हैं। "

इस मैसेज को 
अपने उन सभी मित्रों को पोस्ट कीजिए,
जिन्हें आप कभी भूल नहीं पाएँगे।*

उन्हें पोस्ट कीजिए,
जो कभी भी आपकी मुस्कान की वजह बने थे।


*जिओ जिंदगी दोस्तों*

20190331

यज्ञ - चिता



अग्नि  पर  जब  फल,  फूल,  अनाज,  दूध,  दही,  घी,  तेल  डाला  जाता  है  तो  वो  यज्ञ बन  जाता  है  और  उसी  अग्नि  पर  जब  मुर्दा,  हड्डी,  मांस  का  शरीर  रखा  जाता  है  फिर  वो  पूरा  हो  या  कटा  हुआ  हो  तो  वो  चिता  बन  जाती  है..

हमें  भी  जब  भूख  लगती  है  तो  कहा  जाता  है  कि  हमारे  भीतर  जठराग्नि प्रज्जवलित  हुई  है  और  वो  भी  अग्नि  है  और  जब  ये  जठराग्नि  प्रज्जवलित  होती  है  तब  हम  उस  में  भी  कुछ  ना  कुछ  डालते  हैं..  अगर  हम  उस  में  चिकन,  मटन  या  मांस  का  कुछ  भी  डालते  हैं  तो  वो  चिता बन  जाती  है  और  अगर  हम  उसमें  फल,  फूल,  अनाज,  दूध,  दही,  घी,  तेल  डालते  हैं  तो  वो  यज्ञ  बन  जाता  है..

अब  आप  के  भीतर  'चिता'  हो  या  'यज्ञ'  हो,  ये  निर्णय  आप  को  करना  है..

20190326

Before you Act .......... Listen.

Before you React ........Think.
Before you Spend ........Earn.
Before you Criticize ... Wait.
Before you pray ......... Forgive.
Before you Quit ......... Try.
All Friends, Have A Nice Day.

Sacrifice

Here is a story about lord Krishna that will tell us what true love is about. Krishna, while living in Dwarka with his favourite wife Rukmani, would very often softly utter to himself, 
“O Radha… O Radha.”
Rukmani felt jealous and asked him why he kept remembering Radha so often. 
Krishna did not say anything. He just smiled.

A few days later, Krishna complained of stomach ache. 
Rukmani gave him medicines, but the pain did not go away. 
He kept moaning in pain.
Krishna told her that only a little charanamrita (blessed water) of a person who truly loved him would put an end to his agony.
 He begged Rukmani to give him some of her charanamrita. A shocked Rukmani refused: 
“how can I commit such a terrible sin? You are the lord of all that be, and if I gave you my charanamrita I would surely go to hell.”
Krishna than asked Rukmani to send an attendant to Vrindavan and try and procure some charanamrita from someone there. Soon the attendant returned with a cupful of charanamrita and as Krishna sipped it, all the pain disappeared.
He then asked the attendant, “Who gave you this charanamrita?” the attendant replied, “no one in Vrindavan was ready to give it on learning it was for lord Krishna. Then one young woman came running up to me and gave me this cup. 
Her companions cautioned her, “you fool Radha, you are committing the greatest sin. 
But she did not care. She said, “I don’t care about what happens to me but I cannot bear to see my beloved Krishna in pain.”

Krishna turned to rukmani standing by his side and said, 
“Radha is not afraid of going to hell for me.
She only thinks about me. So if Radha loves me so much, should I also not long for her?”
This is what true love is about. It is unconditional.
Sacrifice is the most important characteristics of true love.

20190305

सकारात्मक दृष्टिकोण

🌿💐🌷🌷💐🌿

*गुरू से शिष्य ने कहा: गुरूदेव ! एक व्यक्ति ने आश्रम के लिये गाय भेंट की है।*

 *गुरू ने कहा - अच्छा हुआ । दूध पीने को मिलेगा।*

 *एक सप्ताह बाद शिष्य ने आकर गुरू से कहा: गुरू जी ! जिस व्यक्ति ने गाय दी थी, आज वह अपनी गाय वापिस ले गया ।*

 *गुरू ने कहा - अच्छा हुआ ! गोबर उठाने की झंझट से मुक्ति मिली।*

 *'परिस्थिति' बदले तो अपनी 'मनस्थिति' उसके अनुकूल बदल लो। बस दुख, सुख में बदल जायेगा.।* *"सुख दुख आख़िर दोनों मन के ही तो समीकरण हैं।*

 *"अंधे को मंदिर आया देखलोग हँसकर बोले -"मंदिर में दर्शन के लिए आए तो हो, पर क्या भगवान को देख पाओगे ?*
 *"अंधे ने कहा -"क्या फर्क पड़ता है, मेरा भगवान तो मुझे देख लेगा."*

 *दृष्टि ही नहीं दृष्टिकोण भी सकारात्मक होना चाहिए। आप आनंद से सराबोर रहेंगे* 
 🙏🙏🌷💐

20190221

डिप्रेशन

डॉक्टर* : डिप्रेशन की पेशेंट से-

क्या तकलीफ़ है..?

लेडी पेशेंट : सर,  दिमाग में बहुत उल्टे पुलटे विचार आते हैं, रुकते ही नहीं...

डॉक्टर : कैसे विचार आते हैं ..?

लेडी पेशेंट : जैसे अब मैं यहाँ आई हूँ तो आपके ओपीडी में एक भी पेशेंट नहीं था.. तो मैं सोचने लगी कि डॉक्टर साहब के पास कोई भी पेशेंट नहीं है, इनकी कमाई कैसे होगी, घर कैसे चलेगा,  इतना पैसा डाला पढ़ाई में,  अब क्या करेंगे.. हॉस्पिटल बनाने में भी बहुत पैसा लगाया होगा,  अब लोन कैसे चुकाएंगे ? कहीं किसानों के माफ़िक लटक तो नहीं जाएंगे एक दिन...!! ऐसे कुछ भी विचार आते रहते हैं...

अब डॉक्टर डिप्रेशन में है।

मछली

शराब के बार" के सामने एक छोटा सा तालाब था।

झमाझम बारिश हो रही थी और
उस बारिश में पूरा भीगा हुआ एक बुज़ुर्ग आदमी एक छड़ी पकड़े था
जिससे बँधा धागा तालाब के पानी में डूबा हुआ था।

एक राहगीर ने उससे पूछा: *“क्या कर रहे हो बाबा ?”

बुज़ुर्ग: “मछली पकड़ रहा हूँ।”

राहगीर बारिश में भीगे उस बुज़ुर्ग को देख बहुत दु:खी हुआ, 
बोला :
बाबा, मैं बार में व्हिस्की पीने जा रहा हूँ।
आओ तुम्हें भी एक पैग पिलाता हूँ।
ऐसे तो तुम्हें सर्दी लग जायेगी।
आओ अंदर चलें।”

बार के गर्म माहौल में बुज़ुर्ग के साथ व्हिस्की पीते-पीते उन महाशय ने बुज़ुर्ग से पूछा:
“हाँ तो बाबा, आज कितनी मछलियाँ फँसीं?”

बुज़ुर्ग बोला : *तुम आठवीं हो, बेटा !*

20190210

बंद कर दिया सांपों को सपेरे ने यह कहकर, 

अब इंसान ही इंसान को डसने के काम आएगा।

🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃

आत्महत्या कर ली गिरगिट ने सुसाइड नोट छोडकर, 

अब इंसान से ज्यादा मैं रंग नहीं बदल सकता!

🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃

गिद्ध भी कहीं चले गए, लगता है उन्होंने देख लिया, 

कि इंसान हमसे अच्छा नोंचता है!

🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃

कुत्ते कोमा में चले गए, ये देखकर,

क्या मस्त तलवे चाटता है इंसान!

🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃

कोई टोपी, तो कोई अपनी पगड़ी बेच देता है,

मिले अगर भाव अच्छा, जज भी कुर्सी बेच देता है!

🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃

जला दी जाती है ससुराल में अक्सर वही बेटी, 

जिसकी खातिर बाप किडनी बेच देता है!

🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃

ये कलयुग है, कोई भी चीज़ नामुमकिन नहीं इसमें,

कली, फल, फूल, पेड़, पौधे सब माली बेच देता है!

🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃🔃

धन से बेशक गरीब रहो, पर दिल से रहना धनवान,

अक्सर झोपड़ी पे लिखा होता है: "सुस्वागतम"

और महल वाले लिखते हैं:
"कुत्तों सॆ सावधान"

20190201

आयुर्वेद प्रभात



हमारे हाथ की पांचों उंगलियाँ शरीर के अलग अलग अंगों से जुडी होती है | इसका मतलब आप को दर्द नाशक दवाइयां खाने की बजाए इस आसान और प्रभावशाली  तरीके का इस्तेमाल करना करना चाहिए | आज इस लेख के माध्यम  से हम आपको बतायेगे के शरीर के किसी हिस्से का दर्द सिर्फ हाथ की उंगली को रगड़ने से कैसे दूर होता है |*
1. अंगूठा– The Thumb
हाथ का अंगूठा हमारे फेफड़ो से जुड़ा होता है | अगर आप की दिल की धड़कन तेज है तो हलके हाथो से अंगूठे पर मसाज करे और हल्का सा खिचे | इससे आप को आराम मिलेगा |

2. तर्जनी – The Index Finger
ये उंगली आंतों  gastro intestinal tract से जुडी होती है | अगर आप के पेट में दर्द है तो इस उंगली को हल्का सा रगड़े , दर्द गायब हो जायेगा।

3. बीच की उंगली – The Middle Finger
ये उंगली परिसंचरण तंत्र तथा circulation system से जुडी होती है | अगर आप को चक्कर या  आपका जी घबरा रहा है तो इस उंगली पर मालिश करने से तुरंत रहत मिलेगी |

4. तीसरी उंगली -- The Ring Finger
ये उंगली आपकी मनोदशा से जुडी होती है | अगर किसी कारण आपकी मनोदशा अच्छी नहीं है या शांति चाहते हो तो इस उंगली को हल्का सा मसाज करे और खिचे, आपको जल्द ही इस के अच्छे नतीजे प्राप्त हो जयेगे, आप का मूड खिल उठेगा।

5. छोटी उंगली -- The Little Finger
उंगली का किडनी और सिर के साथ सम्बन्ध होता है | अगर आप को सिर में दर्द है तो इस उंगली को हल्का सा दबाये और मसाज करे, आप का सिर दर्द गायब हो जायेगा | इसे मसाज करने से किडनी भी तंदरुस्त रहती है |

20190121

~एक शर्मनाक कड़वी सच्चाई...!!!~

नदी तालाब में नहाने में शर्म आती है,
और
स्विमिंग पूल में तैरने को फैशन कहते हैं.

गरीब को एक रुपया दान नहीं कर सकते,
और
वेटर को टिप देने में गर्व महसूस करते हैं.

माँ बाप को एक गिलास पानी भी नहीं दे सकते,
और
नेताओं को देखते ही वेटर बन जाते हैं.

बड़ों के आगे सिर ढकने में प्रॉब्लम है,
लेकिन
धूल से बचने के लिए 'ममी' बनने को भी तैयार हैं.

पंगत में बैठकर खाना दकियानूसी लगता है,
और
पार्टियों में खाने के लिए लाइन लगाना अच्छा लगता है.

बहन कुछ माँगे तो फिजूल खर्च लगता है,
और
गर्लफ्रेन्ड की डिमांड को अपना सौभाग्य समझते हैं.

गरीब की  सब्ज़ियाँ खरीदने मे इन्सल्ट होती है,
और
शॉपिंग मॉल में अपनी जेब कटवाना गर्व की बात है.

बाप के मरने पर सिर मुंडवाने में हिचकते हैं,
और
'गजनी' लुक के लिए हर महीने गंजे हो सकते हैं.

कोई पंडित अगर चोटी रखे तो उसे एन्टीना कहते हैं.
और
शाहरुख के 'डॉन' लुक के दीवाने बने फिरते हैं.

किसानों के द्वारा उगाया अनाज खाने लायक नहीं लगता,
और
उसी अनाज को पॉलिश कर के कम्पनियाँ बेचें, तो क्वालिटी नजर आने लगती है...॥

ये सब मात्र अपसंस्कृति ही नही,
देश व समाज का दुर्भाग्य भी है ।

20190111

जीवन का गहना

इंसान नीचे बैठा दौलत गिनता है
कल इतनी थी – आज इतनी बढ गयी..

ऊपर वाला हंसता है और इंसान की सांसे गिनता है…
कल इतनी थीं – आज इतनी कम हो गयीं..

दुनियां के रैन बसेरे में..
   पता नही कितने दिन रहना है,
       "जीत लें सबके दिलों को..
  बस यही जीवन का गहना है..!!"

20190108

प्रजा फिर भी चुप है

एक राजा था जिसकी प्रजा हम भारतीयों की तरह सोई हुई थी !

बहुत से लोगों ने कोशिश की प्रजा जग जाए ..
अगर कुछ गलत हो रहा है तो उसका विरोध करे,
लेकिन प्रजा को कोई फर्क नहीं पड़ता था !

राजा ने तेल के दाम बढ़ा दिये प्रजा चुप रही
राजा ने अजीबो गरीब टैक्स लगाए प्रजा चुप रही
राजा ज़ुल्म करता रहा लेकिन प्रजा चुप रही
एक दिन राजा के दिमाग मे एक बात आई उसने एक अच्छे-चौड़े रास्ते को खुदवा के एक पुल बनाया ..
जबकि वहां पुल की कतई ज़रूरत नहीं थी .. प्रजा फिर भी चुप थी किसी ने नहीं पूछा के भाई यहा तो किसी पुल की ज़रूरत नहीं है आप काहे बना रहे है ?
राजा ने अपने सैनिक उस पुल पे खड़े करवा दिए और पुल से गुजरने वाले हर व्यक्ति से टैक्स लिया जाने लगा फिर भी किसी ने कोई विरोध नहीं किया !
फिर राजा ने अपने सैनिको को हुक्म दिया कि जो भी इस पुल से गुजरे उसको 4 जूते मारे जाए और एक शिकायत पेटी भी पुल
पर रखवा दी कि किसी को अगर कोई शिकायत हो तो शिकायत पेटी मे लिख कर डाल दे लेकिन प्रजा फिर भी चुप !
राजा रोज़ शिकायत पेटी खोल कर देखता की शायद किसी ने कोई विरोध किया हो लेकिन उसे हमेशा पेटी खाली मिलती !
कुछ दिनो के बाद अचानक एक एक चिट्ठी मिली ..
राजा खुश हुआ के चलो कम से कम एक आदमी तो जागा ,,,,,
जब चिट्ठी खोली गयी तो उसमे लिखा था -
"हुजूर जूते मारने वालों की संख्या बढ़ा दी जाए ...
हम लोगो को काम पर जाने मे देरी होती है !
Aise ho gaye hai hum indian. Zara sochna is barre mein

20181214

DOWN TO EARTH

A Tree that wants
          to touch the Sky,
Must extend its
    roots into the Earth. 
The More it wants
           to Rise Upward.
The More it has
       to go Downwards.
So to rise in Life,
        Be down to Earth.  
🙏🌹🙏🌹

20181204

नाभी कुदरत की एक अद्भुत देन है



एक बुजुर्ग को अचानक बांई आँख  से कम दिखना शुरू हो गया। खासकर  रात को नजर न के बराबर होने लगी।जाँच करने से यह निष्कर्ष निकला कि उनकी आँखे ठीक है परंतु बांई आँख की रक्त नलीयाँ सूख रही है। रिपोर्ट में यह सामने आया कि अब वो जीवन भर देख  नहीं पायेंगे।.... मित्रो यह सम्भव नहीं है.. 

मित्रों हमारा शरीर परमात्मा की अद्भुत देन है...गर्भ की उत्पत्ति नाभी के पीछे होती है और उसको माता के साथ जुडी हुई नाडी से पोषण मिलता है और इसलिए मृत्यु के तीन घंटे तक नाभी गर्म रहती है। 

गर्भधारण के नौ महीनों अर्थात 270 दिन बाद एक सम्पूर्ण बाल स्वरूप बनता है। नाभी के द्वारा सभी नसों का जुडाव गर्भ के साथ होता है। इसलिए नाभी एक अद्भुत भाग है। 

नाभी के पीछे की ओर पेचूटी या navel button होता है।जिसमें 72000 से भी अधिक रक्त धमनियां स्थित होती है।अगर सारी धमनियों को जोड़ा जाए तो उनकी लम्बाई इतनी हो जायेगी कि पृथ्वी के गोलाई पर दो बार लपेटा जा सके। 

नाभी में गाय का शुध्द घी या तेल लगाने से बहुत सारी शारीरिक दुर्बलता का उपाय हो सकता है।

1. आँखों का शुष्क हो जाना, नजर कमजोर हो जाना, चमकदार त्वचा और बालों के लिये उपाय... 

सोने से पहले 3 से 7 बूँदें शुध्द घी और नारियल के तेल नाभी में डालें और नाभी के आसपास डेढ ईंच  गोलाई में फैला देवें।

2. घुटने के दर्द में उपाय 

सोने  से पहले तीन से सात बूंद इरंडी का तेल नाभी में डालें और उसके आसपास डेढ ईंच में फैला देवें। 

3. शरीर में कमपन्न तथा जोड़ोँ में दर्द और शुष्क त्वचा के लिए उपाय :-
रात को सोने से पहले तीन से सात बूंद राई या सरसों कि तेल नाभी में डालें और उसके
 चारों ओर डेढ ईंच में फैला देवें।
  
4. मुँह और गाल पर होने वाले पिम्पल के लिए उपाय:- 

नीम का तेल तीन से सात बूंद नाभी में उपरोक्त तरीके से डालें।

नाभी में तेल डालने का कारण

हमारी नाभी को मालूम रहता है कि हमारी कौनसी रक्तवाहिनी सूख रही है,इसलिए वो उसी धमनी में तेल का प्रवाह कर देती है।

जब बालक छोटा होता है और उसका पेट दुखता है तब हम हिंग और पानी या तैल का मिश्रण उसके पेट और नाभी के आसपास लगाते थे और उसका दर्द तुरंत गायब हो जाता था। बस यही काम है तेल का। 

घी और तेल नाभी में डालते समय ड्रापर का प्रयोग करें, ताकि उसे डालने में आसानी रहे।